आप सभी को मेरा प्रणाम मैं हूँ एक पथप्रदर्शक जो आपका पथप्रदर्शन करने से लेकर आपको सुविचारों का भी बोध कराता हैं | तो दोस्तों चलिए शुरू करते हैं आज की वार्ता जो हैं की असली सच क्या हैं खुश रहने का और सारे राज़ पता करके यहां पे चर्चा करेंगे | मेरे ब्लॉग पैन बहुत सारी और मोटिवेटिंग विचार हैं आप जाके देख सकते हैं जहाँ पैन आप लोग मन की शांति का भी अनुभव कर पाएंगे |
सबसे पहले हमें ये समझना होगा की आखिर असली खुसी होती क्या हैं जो हमारे जिंदगी में इत्ती अहमियत रखती हैं ?और यही नहीं ये बहुत ही अच्छा शब्द भी हैं | असल में खुशी का मतलब एक ऐसा एहसास हैं जिसका मतलब होता हैं मस्ती ,मजाक ,अपने अंदर से उत्पन्न होने वाला एक प्यारा सा स्वर जो हम अपने आमतौर के जिंदगी में देखते हैं |
पर मेरे हिसाब से खुशी एक ऐसी स्तिथि हैं जिसमें इंसान अपने आपमें और अपने अंदर एक शान्ति ,आत्म-संतुष्टी, अपने पास वालों की बातों को समझना और इत्यादि |
तो कभी कभी आप खुशियां ढूंढ सकते हैं बहुत सारी चीज़ों में जैसे की कभी आपने किसी भूखे को खाना खिलाया होगा ,अपनी माँ को उनके काम में मदद की होगी ,किसी बूढ़े व्यक्ति को रास्ता पार कराया होगा , या बच्चों के साथ समय बिताया अनाथालय में ,अपने पिता का सारा काम किया बिना किसी लड़ाई के और इत्यादि |
ये इत्ती सारी प्यारे लम्हें हमारी जिंदगी में हैं तो पर भी लोग इत्ते दुखी हैं ?
दोस्तों छोटी छोटी चीज़ों में खुशियां ढूंढो | जिंदगी इत्ती छोटी नहीं हैं की हम हमेशा इसे बहार ही ढूंढे हलाकि आपको इसे अपने अंदर ढूंढना चाहिए क्योकि ये हमारे अंदर ही हैं | वो तो बस उस चीज़ पैन निर्भर करती हैं की आप उस परिस्थिति को किस नज़रों से देखते हैं |
१. ये तब का समय था जब मैं पांचवी कक्षा अध्यनरत्त थी और उस समय मुझे और मेरी दोस्त को मंदिर जाना था | तो हम लोग अपने अपने माता पिता के साथ मंदिर जाने के लिए निकल गए | पर रास्ता बहुत ज्यादा दूर था | वहा से आते आते हमें वहा का प्रसाद मिला था आशीर्वाद के तौर पर |
रास्तें में हमें एक भिखारी मिला जो बहुत ही ज्यादा गरीब था | ऐसा लग रहा था की उसने बहुत दिनों से कुछ नहीं खाया था | उसने मुझसे भीख मांगी की मुझे खाना दे दो | पर मैंने उसे तुरंत मना कर दिया प्रसाद देने से |
लेकिन मेरी दोस्त को उस भिखारी पैन तरस आ गया और उसने अपने बांटे का उसको दे दिया और फलस्वरुप उस भिखारी ने उसे आशीर्वाद दिया पर मुझे नहीं |
पर मुझे उस बात की बहुत बुरा लगा की में किसी को खुशी नहीं दे पायी | पर मैं अपनी गलती समझ चुकी थी और आगे से ये वादा किया की जब भी मौका मिले मैं पीछे नहीं हटूंगी और हमेशा सबकी मदद करूंगी | पर मेरी दूसरी कहानी इससे ज्यादा भिन्न हैं और बहुत अच्छी भी हैं जिससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी मिली |
२. तो दूसरी कहानी में कुछ ऐसा हुआ की मुझे मेरी माँ ने सब्ज़ी लेने के लिए दूकान पैन भेजा था और दिवार पैन बहुत अच्छे अच्छे सुविचार लिखे थे पर वो इंग्लिश में लिखे थे जो हमारी भाषा नहीं थी | तो बहुत सारे लोग उस भाषा को समझ नहीं पा रहे थे |
लेकिन में इंग्लिश समझ सकती थी तो मैंने उन लोगों को मदद की सुविचार को समझने के लिए | जब मैंने उस सुविचार का अर्थ उन्हें बताया तो उन्होंने ने मुझे बहुत शाबाशी दी | और मुझे उनकी मदद करके बहुत खुशी मिली | क्योकि मुझे पहले वाली कहानी से सबक मिल चूका था की असल खुशी हमारे अंदर ही छुपी हैं |
उसके बाद फिर अब काम करना था घर का तो सब्जी लाकर मैंने भी घर पर दिया और माँ ने भी मेरी बहुत तारीफ की और ऐसा कहा की अपनों की खुसी में अपनी खुशियां ढूंढोगे तो तुम्हे हर तरह की खुसी मिल जाएगी |
तो दोस्तों आप भी पा सकते हैं ये सारी खुशी बस छोटी छोटी चीज़ों में आपको उसे ढूंढना पड़ेगा | कभी कभी लोग बहुत ही ज्यादा मायूस हो जातें | की मेरा ये काम नहीं होरहा वो काम नहीं हो रहा | मैं किसी को भी खुश नहीं कर सकता और कोई भी मुझसे बात नहीं करता हैं |
ये ख़याल अपने मन से निकाल दीजिये क्योकि जिंदगी में ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने अपने में भी कमी होते हुए भी कभी हार नहीं मानी और हमेशा उनसे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए की अगर हमें आगे बढ़ना हैं तो लोगों के बातों पे ध्यान देने से कुछ नहीं होगा |
चलिए इसी से जुड़ी हुई एक बात सुन लेते हैं जिससे आपको ज्यादा यकीन जाएगा की अगर अपने यकीन हो तो आप सफलता साथ साथ खुशियां भी पा लेंगे | आप लोगों ने अपाहिज लोगों को देखा हैं क्या?वो लोग बेचारे कभी भी ढंग से खुशियां नहीं ले पाते हैं | पर अगर वो लोग भी यही सोचने बैठ जाएं तो जिंदगी कैसे चलेगी दोस्तों |
इसलिए जिंदगी में हर मोड़ पर संघर्ष हैं और उसी से आपको सच्ची खुसी मिल सकती हैं | ये जो सारी चीज़ें हैं वो तो एक समय तक सीमित हैं पर आपका व्यहवार आपके साथ हमेशा रहेगा ,जो आपने दूसरों को खुसी बांटा हैं वो आपके साथ हमेशा रहेगा |
आशा हैं आप लोगों को कहानी पसंद आयी होगी और इसको दूसरे लोगों तक पहुचाएं ताकि उन्हें भी पता चले की क्या होती हैं सच्चाई असली खुशी ? और ऐसे ही मोटिवेटिंग विचारों के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करे और नीचे दिए हुए लिंक को दबाएं |
और एक बात हमेशा ध्यान रखे की खुशियां हमारे आस पास ही हैं | बस आवश्यकता हैं एक सच्चे ह्रदय से खोजने की |
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