"पथ प्रदर्शक आर्टिकल विद्यार्थियों के लिए "

 आप सभी को ऐसे ही इंट्रेस्टिंग आर्टिकल्स मेरे ब्लॉगर पोस्ट पैन भी मिल जाएगी |तो ऐसे ही मोटिवेशनल आर्टिकल भी अवेलेबल हैं मेरे पोस्ट पे | तो आइये बिना देर किये शुरू करते हैं मोटिवेशनल आर्टिकल्स फॉर स्टूडेंट्स | 

ये जो आर्टिकल हैं ये मुख्यतः मेरे लाइफ से ही जुड़ा हुआ हैं और ये मेरे पर्सनल एक्सपीरियंस पे लिखा हैं मैंने | 

तो आइये बिना देरी किये हुए शुरू करते हैं मेरे जिंदगी से जुड़े कुछ मोटिवेशन जो मैं आप सब से शेयर करना चाहती हूँ | 


मोटिवेशन से आप क्या समझते हैं ?

मुख्यतः मोटिवेशन से लोग समझते हैं की अगर हम किसी को अच्छा करते हुए देखेंगे या फिर बोलेंगे | तो फिर हमारे अंदर भी यह मोटिवेशन आ जायेगा | फिर हम भी उनकी तरह ही बनेंगे वो भी एक दिन के अंदर परन्तु प्यारे मित्रों हर चीज़ या कोई सफलता के लिए  निश्चित वक़्त और समय लगता हैं | 

जैसे फल को पकने में समय लगता हैं ,सुबह होने में समय लगता हैं ,बच्चो को बड़ा होने में समय लगता हैं वैसे ही मोटिवेशन जाग्रत होने में समय लगता हैं | 

एक बात ध्यान रखे प्यारे मित्रों मोटिवेशन तो बाहर से कही भी मिल जायेगा लेकिन हमें उसे अंदर से जाग्रत करना हैं नाकि सिर्फ एक दो दिन पालन किया फिर उसे छोड़ दिया | मोटिवेशन रोज़ रोज़ हमें कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता | नाकि सिर्फ एक दिन करके छोड़ दिया की अब हममे छमता नहीं हैं | आइये आगे देखते हैं इससे जुडी हुई एक कहानी जो कही न कही | 

motivational story in hindi for success

तो एक बार की बात हैं की एक गांव था जिसका नाम शांतिपुरम था | यह मुख्यतः केरला का एक छोटा सा एक गांव था | जहाँ पे एक गरीब पिता और उसका नालायक बेटा राम रहा करते थे | पिता दिन रात काम करके पैसे कमाता की दो वक़्त की रोटी मिल जाएं और बेटा ये सब जुए में उड़ा देता था  और  फिर जो वो खुद काम करता  था तो उसे भी नियमित नहीं करता | 

क्योकि उसकी सपने बहुत बड़े थे उसे लगता था की वो रातोरात अमीर बन जाये और उसके पास हर जरुरत का सामान हो जैसे की  उसे अपनी पूरी   बितानी थी  |इसलिए वो अपना सारा पैसा जुवा में उड़ा देता था और अपनी पिता की घर चलाने में मदद भी नहीं करता था | 



और उलटा उनसे बहस भी किया करता था | पर फलस्वरुप वह कभी नहीं जीत पाता था | शायद वोह उसके किये हुए कर्मों का ही नतीजा था की वो कभी जीत नहीं पाता था | एक बार एक सिद्धपुरुष वह उसकी टूटी फूटी कुटिया में आएं | वो बहुत ही ज्यादा सिद्धपुरुष थे | 

तब उसके पिता ने उनका स्वागत सत्कार किया और बोला की भगवन -"मैं एक गरीब हूँ और मुझे अपना पेट पालने के लिए दिन रात एक करना पढता हैं | प्रभु मेरी यह दुर्दशा का कुछ उपाए बताएं | और मेरा पुत्र मेरी कोई भी साहयता नहीं करता हैं | 

कृपया उसका मार्गदर्शन करें | "यह सब सुनकर योगी बहुत ही ज्यादा अचंभित हुए और उन्होंने लड़के को बुलाया और फिर साधु ने उस लड़के को सबक सिखाने के बारें में सोचा | उसे बोला की तुम्हे एक काम करना होगा और जब तुम ये काम पूरा कर  लोगे  तो फिर तुम्हे आखिर में एक अच्छा खज़ाना  मिलेगा जो बहुत अनमोल होगा | 

लड़का मोह में पूरी तरह से डूबा हुआ था  और उसने तुरंत बिना सोचे समझे  हां बोल दिया | ऋषि ने फिर अपनी सकती से आँखें बंद करके कुछ देखा और कहा की यहाँ से १ कम दूर एक ५०  कग का पत्थर रखा हैं तुम्हे उसे एक महीने के अंदर खींच के अपने घर लाना पड़ेगा और तुम्हे ये काम अकेले ही करना हैं तुम्हे किसी की भी साहयता नहीं लेनी हैं | 

उसके बाद फिर ऋषि ने कहा -"मैं एक महीने के बाद दोबारा आऊंगा और अगर तुम ये काम कर लेते हो तो मैं  तुम्हे तुम्हारा खज़ाना दूंगा | यह कहकर ऋषि  चले गए | अब लड़का की बारी थी की एक महीने के अंदर उस भारी पत्थर को खींच कर लाएं और खज़ाना ले | 

तो लड़का रोज़ सुबह उठकर १ कम दूर जाकर उस पत्थर को रोज़ धकेलता था कभी रस्सी से खीचता, तो कभी खुद  ही ताकत लगता  और यह क्रम ३० दिन तक लगातार चलता हैं  और  वह तो खज़ाना का लोभी था तो वह रोज़ धकेल धकेल कर उस पत्थर को ३० दिन  घर  ले आया | अब वह बेसब्री से ऋषि का रह ताकने लगता हैं | 

अब बारी थी ऋषि के आने की और उसे खज़ाना देने की  | ऋषि वह ३० दिन बाद अपने समयानुसार आये और उन्होंने कहा की यही हैं तुम्हारा खज़ाना | लड़का असमंजस में पढ़ गया और समझा नहीं की ऋषि असल में कहना क्या चाहते हैं | 



ऋषि ने कहा की -"निरंतरता से किया हुआ कार्य हमेशा सफल होता हैं बस मन में विश्वास और लगन होना चाहिए काम के प्रति |बेटा तुमने जैसे रोज़  काम करके उस भारी पत्थर को यहां  तक ले आये वैसे ही तुम अगर हर काम में पूरी मेहनत  करोगे तो वो काम सफल हो जायेगा |

 उसके बाद से लड़का रोज़ काम करने लगा और एक अमीर इंसान बन गया | इससे यह शिक्षा मिलती हैं की अगर स्टूडेंट्स को सफल होना हैं तो उन्हें हमेशा ही हर कार्य निरंतरता से करना होगा ताकि उन्हें सफलता मिले | तो दोस्तों देखा अपने कैसे एक नालायक बच्चा समझदार बन गया और हर काम मेहनत से करने लगा | 

ऐसे ही आप लोगों को भी हमेशा ही मेहनत करनी चाहिए जिससे आपके माता पिता को अपने पुत्र पर गर्व हो | तो अगर आपको ऐसे ही मोटिवेटिंग कहनियाँ और विचार चाहिए तो आप मेरे ब्लॉग को फॉलो कर सकते हैं | और यहां नीचे दिए हुए लिंक को दबाएं और ऐसे ही पढ़े बहुत सारे अच्छे विचार |  

आशा हैं मेरी स्टोरी आपको पसंद आयी होगी | ऐसे ही स्टोरी के लिए !!!



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