आखिर क्यों डरते हैं लोग इन चार चीज़ों से? 😬😱

  आखिर क्यों डरते हैं लोग इन चार चीज़ों से ?😬😱  तो दोस्तों प्रणाम में हूँ एक पथप्रदर्शक जो आप लोगों का हमेशा मार्गदर्शन करती हैं और जो हमेशा उपस्थित रहती हैं आप लोगों के जिंदगी से जुडी हुई परेशानियों को हल करने के लिए | तो आज का जो हमारा शीर्षक हैं वो बहुत ही ज्यादा दिलचस्प होने वाला हैं क्योकि आज हम जानेंगे की इंसान को किन चार चीज़ों से हमेशा डर लगता हैं | 



और आप लोगों ने इन सारी बातों को अपनी बचपन में या फिर जवानी तक आते आते अनुभव किया होगा | तो असल में पहले ये जानते हैं की डर का शाब्दिक परिभाशा क्या होता हैं | तो चलिए शुरू करते हैं......   

डर क्या होता हैं ?

जब आप चीज़ कर रहे हैं तब आपको बहुत ही ज्यादा बेचैनी होती हैं या फिर आप अपने ऊपर से विश्वास खोते जा रहे हैं ,या फिर आपको शंका हैं की जो आप काम कर रहे हैं वो सही भी होगा की नही ,तो कभी कभी वह डर इतना बढ़ जाता हैं की आदमी उस चीज़ से भागने लगता हैं और कभी कभी तो उसकी घबराहट इत्ती बढ़ जाती हैं की | 

और इंसान को उसका सामना भी करने में भी दिक्कत आती हैं | तो चलिए ऐसे चार चीज़ों के बारें में जानतें हैं और ये भी जानेंगे की आप इन सारे डर को अपने जीवन से चुटकियों में कैसे बाहर निकाल सकते हैं..... 

चार मुख्य डर -

१. आगे होने वाले काम का सोचना 

लोग अक्सर ही बहुत सारी चीज़ें सोचते हैं जैसे की मान लीजिये की अभी आपके पास बहुत सारे पैसे हैं जिससे आप अपने जरुरत का सामन खरीद सकते हैं और आपको इन सारो चीज़ों की भी बहुत ज्यादा आवश्यकता हैं | पर फिर भी लोग ये सोचते रहते हैं की अगर इसे खर्च कर दिया तो बाद में फिर हमारे पास पैसे नहीं रहे तो कैसे खरीदेंगे | 

अब ये कल्पना कीजिये की वो व्यक्ति जो सोच रहा हैं वो ठीक सोच रहा हैं या नही ? तो मेरे हिसाब से वो सही भी हैं और गलत भी क्योकि भविष्य की चिंता करना अच्छी बात हैं पर जो चीज़ समय पैन काम न आ सके उसका क्या फायदा ?

वह सोच तो सही रहा हैं पर ज्यादा सोचने से कुछ नहीं मिलता इसलिए दोस्तों आपके पास जो भी हैं पहले उसे खुल के जीओ और ज्यादा चिंता हैं तो थोड़ा सा बचा लीजिये | पर कल की जरूरतों को देखके आज की खुसी मत बरबाद  कीजिये | 

अब वो जो भी सोचेगा तो उसके मन में कही न कही डर बैठ जाएगा की कल क्या होगा और ये सब चलता रहा तो अंत में वो अपनी खुशियों से दूर हो जाएगा | इसलिए दोस्तों समझदारी अच्छी बात हैं पर समझदारी के साथ साथ सूझ बुझ भी होना चाहिए | 

इससे दो फायदे होंगे -१. आपको बेवजह का तनाव नहीं होगा | 

                                 २. और जो डर पनप रहा हैं वो भी ख़त्म हो जयेगा | 

२. अपने अक्स से डर लगना 



कभी कभी क्या होता  की लोगों को अपने अक्स से ही डर लगने लगता हैं वो ये सोचते हैं की आखिर वो कैसे दिख रहे हैं ? जैसे आप लोग एक उदहारण ले लीजिये की एक आदमी हैं जिसे कल या परसो में एक स्पीच देनी हैं पर कभी कभी कभी वह बोलते बोलते घबरा जाते हैं | 

और कभी कभी वह चार लोगों के बीच चलके नहीं जाना चाहते हैं और किसी लोगों से बात करने में घबरातें हैं | और कभी कभी तो उन्हें इस बात पैन भी डर लगता हैं की अगर मेरा कपड़ा दूसरों को अच्छा नहीं लगा तो मैं नए ज़माने का नहीं दिख पाऊंगा | 

तो दोस्तों डरने की कोई बात ही नहीं हैं आपको अपने अंदर आत्म विश्वास जगाना होगा की हम किसी से कम नहीं हैं | हमारे अंदर वो सारी छमताएँ जो सबमे हैं और हमें ये मानना होगा की हम जैसे भी हैं अच्छे हैं | इसलिए यह अक्स का डर को भगा देना चाहिए | 

३.पहले बोलने का खौफ 



ज्यादातर आपने देखा होगा की बच्चे या फिर बड़े हो हमेशा ही इस बात से हिचकिचाते हैं की कभी भी कोई सही बात बोलनी हो या फिर कुछ बात हमेशा पहली बोलनी हो तो वो नहीं बोल पातें | हमेशा उनके मन में ये डर रहता हैं की अगर हम बोलेंगे तो सामने वाला क्या सोचेंगे ? 

जैसे की उदहारण की तरह मान लीजिये की आप ऑनलाइन कक्षा में भाग लिया हैं और बहुत सारे बच्चे कक्षा में हैं | तब कक्षा के शिक्षक ने एक सवाल पूछा उसके बाद किसी ने भी जवाब नहीं दिया क्यों क्योकि उन सबको डर था की अगर हम बोलदेंगे तो सर हमें डाटेंगे | 

भयी ये कोन सी बात हुई की अगर आप बोलदेंगे तो कुछ होजायेगा | आपको ये भी तो समझना चाहिए की शिक्षक आपके लिए कित्ती मेहनत करते हैं और आप जब ऐसी कार्य करते हैं तो इसका मतलब यह हैं की या तो आपको कुछ समझ नहीं आया या तो आप शिक्षक का महत्व नहीं समझ रहे हैं | 

बातचीत से ही कोई सी भी बात आगे बढ़ती हैं | तो इसलिए ये न सोचे की अगर हमारा दिया हुआ जवाब गलत हो गया तो क्या होगा | ये सोचिये की अगर गलत होगा तो हमें कुछ सिखने को भी मिलेगा | डरने से काम नहीं चलेगा अगर अपना पक्ष रखना हैं तो बोलना तो पड़ेगा | और ये सारे कार्य वक़्त वक़्त पैन काम आता हैं | 

४. जिंदगी को ख़त्म होने का डर 



बहुत सारी बातें हैं जिंदगी में पर ये बात भी सच हैं की मौत तो आनी ही हैं तो उस बारें में सोचकर अपना दिन क्यों खराब करना हैं | महत्व ये नहीं रखता की आप कितने साल जीते हैं | महत्व ये रखता हैं की आपने हर लम्हे को कैसे जिया हैं | 

देखिये दोस्तों  जिंदगी का असली मज़ा तभी मिलेगा जब आप उसे अच्छे से जियेंगे | देखिये हिम्मत तो वो भी नहीं हारते जिनके हात पैर भी नहीं होते और वो भी नहीं हारते जिन्हे कोई बिमारी होती हैं | इसलिए जिंदगी में हमेशा खुश रहो | 

आशा हैं आप लोग अपने डर को दूर कर पाएं होंगे!!|

ऐसे ही मोटिवेटिंग विचार के  लिए ब्लॉग को फॉलो करे और नीचे दबाएं | 

यहां दबाएं 


ब्लॉग को फॉलो करे.... 


 

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने