आप सभी को मेरा प्रणाम !!!मैं आपकी दोस्त रानी हूँ 💖💖और आशा हैं की आप जिंदगी को रोज़ एक दिशा देने का प्रयास लगातार कर रहे होंगे |
तो बिना किसी देरी के आईये शुरू करते हैं अपना आज का टॉपिक जिसके ऊपर चर्चा हर बार होती हैं पर सायद ही कोई इसको एक गहन समस्या मानता हैं जिसकी वजह से आज के युवा और नौजवान गहरे पतन में गिरते जा रहे हैं जहा से उन्हें निकलना मुश्किल सा हो गया हैं |
क्योकि सोशल मीडिया की रस्सी हैं वो इनको कुछ ज्यादा ही कसके जकड रखा हैं |
तो आइये जानते हैं आखिर क्या कारन हैं जिसकी वजह से लोग सोशल मीडिया के पीछे ऐसे भाग रहे हैं जैसे वही उनकी जिंदगी का लक्ष्य सा बन गया हैं ख़ास कर युवा !!!जो भारत के आने वाले भविष्य हैं !!!👇👇
इसका प्रमुख कारन हैं घर में माता पिता की व्यष्तता ,अश्लील चित्र देखना ,स्कूल न होना महामारी के कारन ,अपने आप को समय न देना ,किसी बड़े का घर पर न होना , भारतीय संस्कृति का आभाव कम होना ,गेम खेलने का नशा ,टेक्नोलॉजी का यूज़ ज्यादा होना ,इत्यादि !!!!ये सरे कारणों के कारन हैं हमारी आने वाली पीढ़ी अपने स्वयं पतन के लिए खुद ही जिम्मेदार हैं !!!😟😟
आईये इन सारी बातों को थोड़ी गहनता से सोचते और समझते हैं |
१. माता पिता की व्यस्तता
आज के व्यस्तता वाले ज़माने में किसी को भी फुरसत नहीं हैं की वो अपने काम को छोड़े क्योकि अगर वे काम नहीं करेंगे तो अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे| जीने के लिए पैसे कमाने तो पड़ते हैं और इसी चक्कर में परिवार में सबसे छोटे सदस्य के ऊपर परिवार वालों का ध्यान ही नहीं जाता है |
जिसके वजह से बच्चे अपने माता पिता से अलगाव महसूस करने लगता हैं | और उसे प्यार,दोस्तों का सहारा की जरुरत होती हैं जिसकी वजह से वह सोशल साइट्स की तरफ खिचाव होता हैं | उसके बाद एक बार अगर वो इस फील्ड में चला जाता हैं तो फिर उसी में ही रहने का मन करता हैं |
उसे उसमें मजा आने लगता हैं वो और उसी में खो जाता हैं | जिसकी वजह से उसके स्थिरता और मष्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता हैं | और कभी कभी वो इतना बेकार हो जाता हैं की बच्चा अश्लील चित्रण भी करने लगता हैं और उसका मन कुंठित हो जाता हैं |
२.अश्लील चित्र देखना
सोशल मीडिया का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यही हैं की यह पैन हर प्लेटफार्म में एक नई मौका हैं लेकिन कुछ गलत भी चीज़ें हैं जैसे की हम जानते हैं की इसे १४ से २५ साल तक के नौजवान इस्तमाल करते हैं | पर उसमें उनका मन तो लगता हैं पर कही न कही कुछ गलत चित्रण भी दिखाई देते हैं उन्हें |
इसलिए सोशल मीडिया उभरते हुए टैलेंट के लिए अच्छा हैं पर कही न कही बच्चों के जिंदगी में ये बहुत असर डालरा हैं | जिस टाइम उन्हें खेलना चाहिए उस टाइम वो सोशल मीडिया में लगे होते हैं | आज कल ज्यादा फोल्लोवेर्स बढ़ाने के लिए भी लोग इस फील्ड में आना चाहते हैं | पर बच्चों को इसके साथ साथ अपने भविष्य बनाने में भी फोकस करना चाहिए |
३.स्कूल का बंद होना महामारी के कारन
तो यह भी एक कारन हैं की बच्चे सोशल मीडिया की तरफ आकर्षित हो रहे हैं | क्योकि ऑनलाइन क्लासेज के बाद बच्चों को बहार भी निकलना मना होता हैं और घर में वो रह कर बोर होजाते हैं | और वो इंडोर गेम्स खेले तो पर भी कैसे खेले ? इसलिए फिर उनका मन उदास हो जाता हैं |
फिर वो आस पास एंटरटेनमें| ट ढूंढने हैं | फिर सोशल मीडिया में अकाउंट बना लेते हैं की कुछ फन हो जाएं उसके बाद फिर वो उसी में घुस जातें हैं | फिर उनका दिमाग डाइवर्ट होने लगता हैं | फिर वो सही से फोकस नहीं क्र पातें हैं | इसलिए सोशल मीडिया कही न कही अच्छा तो हैं पर छोटे बच्चों के दिमाग पर बहुत ही गहरा असर डालता हैं |
४. बड़ों का घर पैन न होना
तो यह बात तो सबको पता हैं की लोग सब साथ साथ नहीं रहते | मतलब आज के परिवारो में सिर्फ तीन लोग ही रहते हैं ज्यादातर | जिसमें पापा मम्मी दोनों काम पैन चले जातें हैं और बाकि बच्चे घर पैन ही रहते हैं |
दादा दादी होते तो उसे कहानियां और अपने पहले ज़माने के अनुभव भी बताते पर ऐसा नहीं हो रहा हैं | घर में अकेले रहने से वह वे प्यार नहीं पा पातें हैं जिसके वो असल में हक़दार हैं | और फिर जब वो सोशल मीडिया पैन पहुंचते हैं जहा पर वे फैमिली के फोटोग्राफ्स और उनके साथ टाइम स्पेंडिंग फोटोज देखते हैं तो उनका मन भी करता हैंहैं की हमारी भी ऐसे ही जैसे दूसरे लोगों की हैं |
मतलब वह अपने आपको कहि न कहि अकेला महसूस करने लगता हैं | जिसकी वजह से बड़े होते होते कभी कभी माता पिता के लिए गुस्सा भी आने लगता हैं | इसलिए जहा तक हो सके माता बच्चों को टाइम देना चाहिए बढ़ते हुए उम्र ही जरुरी होता हैं |
अब जानते हैं ये सारे कारन कैसे गलत इफ़ेक्ट डालते हैं बच्चों के कोमल मैं पे | आप सभी तो जानते ही हैं की बच्चो का मन वह मिटटी हैं जिसको जिस आकर में ढालो उसे में ढल जाता हैं | जब उन्हें अकेलापन महसूस होता हैं तो वो हमेशा ये चाहते हैं की उनके पास कोई आके बैठे और उनसे प्यार से बात करे | पर आज के व्यस्तता के दौर में उनके पास कोई भी नहीं होता| इसलिए वह दोस्त ढूंढते हैं और उसमें गिरते जातें हैं और आपने असली कर्त्तव्य से विमुख हो जाते हैं | 😱😱😱
इसलिए आज के युवा पीढ़ी को ये फालतू चीज़ो में आपन असमय लगाने की बजाय उसको ऐसे कामो में लगाना चाहिए जहा उन्हें कुछ करने का अवसर मिले और उनकी स्वयं की प्रतिभा सामने निकल कर आये | 😇😇😇
तो चलिए दोस्तों अब आपसे विदा होने का वक़्त आ गया हैं और ऐसे की मोटिवेटिंग विचारों के ब्लॉग को फॉलो करना न भूले |
