कोरोना काल में विद्यार्थियों के लिए मोटिवेटिंग आर्टिकल

 आप सभी को मेरा प्रणाम तो हाज़िर हैं आपके सामने एक पथप्रदर्शक हैं जो आपके सारे सवालों का जवाब देगा और शीर्षक से पता चल ही गया होगा की आज हम जिस बारें में बात करेंगे वो महामारी से जुड़ा हुआ हैं......... 



तो चलिए शुरू करते हैं आज विचार के बारें में बातें जो हर किसी  विद्यार्थी को करोना काल में सूझना पढ़ रहा हैं | और उनके द्वारा किये जाने वाले प्रत्यन को हम यहां पैन उसके ऊपर बात करेंगे और ये भी जानेंगे की मेरा सफर कैसे गुजरा इस बिमारी के दौर में जो मेरे द्वारा ही महसूस की गयी हैं | 

तो  हम वो बात करेंगे जो हमें ख़ास कर ध्यान रखनी चाहिए कोरोना के समय पर जो हमारे भी शिक्षकों ने हमें बताया था और इससे हमें बहुत ही ज्यादा प्रेरणा मिली की कैसे हम इस कोरोना काल को सदुपयोगी बना सकते हैं और कैसे हम खुद से घर में पढाई करके एक अच्छा अंक अर्जित कर  सकते हैं|  

और मैं आपलोगों को अपना आपबीती घटना बताउंगी जिससे आप ज्यादा से ज्यादा मोटीवेट हो | और अगर आप भी यही सारी परेशानी से जूझ रहे हैं तो मेरी खुद ही कहानी आप लोगों के ऊपर कुछ प्रभाव डालेगी जिससे आप लोग भी बहुत ज्यादा मोटीवेट होंगे | 

ये तबकी बात हैं जब हम भी १२वी कक्षा में अध्यन कर रहे थे | और उस समय में भी आज जैसे ही समस्या उत्पन्न हुई थी |  


तो चलिए बिना देरी के शुरू करते हैं..... 



सबसे पहले ये जानते हैं की मोटिवेशन क्यों जरुरी हैं 

इस कोरोना काल में ?

जैसे की अफवाह उडी थी की कोई बिमारी फैली हैं जो बहुत ही घातक हैं लोगों के स्वास्थ्या को बहुत ही प्रभावित कर  रही हैं | हर जगह उसका संकट छाया हुआ था | अभी तो हम उसके बारें में भी कुछ नहीं जानतें थे | हमने तो ऐसे बीमारी के बारें में कभी भी नहीं सुना था | 

फिर जैसे जैसे दिन गुजर रहे थे वैसे वैसे ये बिमारी भी अपने रौद्र रूप में आ रही थी | आदमियों को ये ये सलाह मिल रही थी की जहाँ भी जाएँ वहा मास्क लगाके रखे ,दुरी बनाके रखे और हाथ को साफ़ करने के लिए  दवाई इस्तेमाल करे | 

लेकिन लोगों ने यह सब नहीं माना और यह बिमारी बढ़ती गयी | जिसकी वजह से हमारे स्कूल बंद हो गए | और फिर लग गया बहुत दिनों तक घर में रहने का पहरा | जिसकी वजह से स्कूल ,कॉलेज ,सारे पब्लिक जगह ,रेलवे ,दुकानें सब बंद हो गयी और  नहीं खुल सकती राज्य सरकार के आदेश आने तक 

पर परिस्थितियां सही होने का नाम ही नहीं ले रही थी और दिन प्रतिदिन हालत ख़राब होते जा रहे थी | जिसकी वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे जिसमें एक हम लोग भी थे | इसलिए हमारा भी सारा क्लासेज ऑनलाइन ही चलनी शुरू हो गयी | लेकिन ये जरुरी तो नहीं था न की हर बच्चे को एक सामान किया हुआ पढ़ाई समझ में आएं | 

किसी किसी के घर में अच्छे से इंटरनेट नहीं आता हैं तो वो बच्चे भी विमुख हो जातें हैं पढ़ाई से | उनको बहुत दिकत्तों का सामना करना पड़ता हैं पढ़ने के लिए |  और ये महामारी छोटे बच्चों के लिए भी बहुत ही ज्यादा परेशानी बढ़ाने वाली हैं | 

क्योकि बच्चों को बहुत देर तक क्लासेज को अटेंड करने के लिए बहुत देर तक उसे चालना पड़ता हैं जिसकी वजह से उन्हें पीठ में भी दर्द होता हैं और आँखों पैन भी बहुत ज्यादा असर करता हैं | जिसकी वजह से उनके स्वास्थ्य पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता हैं | 

और जो ख़राब तरंगें निकलते हैं फ़ोन से वो भी बहुत ज्यादा इफ़ेक्ट करता हैं पुरे तरह से | सब लोग अपना पैसा भी खोते जा रहे थे और अपना आत्मविश्वास भी खोते जा रहे हैं | जिसकी वजह से पूरी  आर्थिक तौर पर बहुत ज्यादा ही हानि हुई हैं | 

👉तो इन सारी परेशानियों को सुलझाने के लिए और इसको साधारण करके के लिए हमें मोटिवेशन की आवश्यकता हैं | तो आइये सुनते हैं मेरी कहानी!!!!👇👇👇


मेरी कोरोना से लड़ने की कहानी 


ये कहानी शुरू हुई थी जब मैंने अपनी ग्यारहवीं पास कर ली थी | ये सारी 
कोरोना की बातें मैंने अपने टूशन पैन सुनी थी जब सारी दुनिया इस महामारी से जूझ रही थी | 
और एक और बात सुनी थी की ये जल्द हमारे देश में भी  पहुंच सकता हैं |पर मेरे और मेरे दोस्तों की इन  सारी बातों पैन यकीन नही था | हम  बहुत जी ज्यादा बेफिक्र थे इस बारें में हमने ज्यादा नहीं सोचा | 

पर जैसे जैसे समय बीता हमें बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योकि हमारे स्कूल मार्च के बीच में ही बंद होगये उसके बाद हमारी छुट्टियां बढ़ती गयी | फिर हमें ये आस थी की वो जुलाई में खुलेगा पर ऐसा कुछ नहीं हुआ और समय आगे बढ़ता गया और हमारे ऑनलाइन क्लासेज भी शुरू हो गए | 



फिर हमें बहुत दुःख हुआ की स्कूल खुल ही नहीं रहे हैं |  हम बहुत ही ज्यादा डिमोटिवटेड हो गए | हमारी जो क्लासेज सुबह ९ बजे से शाम के ७ बजे तक होते थे | कभी कभी हमारी क्लासेज १२ बजे भी हुआ करती थी | वो बहुत मुश्किल का समय था क्योकि हम अपना पूरा नींद भी नहीं ले पाते थे अच्छे से | और हर समय हमें मोबाइल में ही देखना पड़ता था | 

उसके बाद फिर हमारे पेपर भी पास आ रहे थे जिसकी वजह से हम परेशान रहने लग गए थे तो हमें अब जानना हैं की हम पढाई को कैसे किया करते थे उस समय में ? और उस समय हमारे पेपर के प्रैक्टिकल भी थे पर हम उसे नहीं कर पाएं क्योकि हमारे स्कूल बंद हो गए थे | 

हम ये सोचते हैं की ये साल ही अशुभ हैं लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ की हम अपने आपको मोटिवेटेड करने लगे और आगे बढ़े |ये बात तबकी हैं जब हमारी खुद का परिवार कोरोना से जूझ रहा था | और  ज्यादा कमजोरी महसूस कर रहे थे | 

क्योकि ये बीमारी मेरे लिए पहला एहसास थी | कुछ दिनों बाद हमारा स्वास्थय  सुधरने लगा और हम सब  भी ठीक हो गए | 


तो दोस्तों आप लोगों ने सुना होगा की जो बहुत सारे आदमी हैं वो परेशान हैं कोरोना से | अपने आपको कभी भी कमजोर महसूस न करो | समय हैं निकल ही जायेगा और अच्छे दिन भी आएंगे | 

जैसे की मैं एक विद्यार्थी हूँ तो मुझे भी सकारात्मकता बरतनी पड़ेगी और अपने अच्छे भविष्य के लिए हमें भी एक आशा तो रखनी तो पड़ेगी | इन साड़ी चीज़ों को मैंने मन में रखकर आगे बढ़ने का सोचा | और फिर पेपर में बहुत अच्छे अंक से पास हुई | 

तो दोस्तों आशा हैं आपको मेरी कहानी पसंद आयी होगी  और ऐसे ही मोटिवेटिंग विचारों के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करना न भूले और निचे दिए हुए लिंक हो दबाएं | 😀😀



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