आप सभी को मेरा प्रणाम मैं आपकी दोस्त रानी| और सुप्रभात,सुभ्रातृ और गुड इवनिंग !!ये उम्मीद हैं की आप सभी कही न कही अपने आपको एक नए रूप में डालने की कोशिश कर रहे होंगे!!👇👇👇
आज हम जिस विषय में बात करने हैं उसके बारें में पहले विस्तार से जानतें हैं | जिसका विषय हैं माँ का प्यार,उनका निश्वार्थ स्नेह और उनकी ममता ?
माँ का प्यार
आप लोगों ने बचपन में माँ की दुलार,उनसे डाँट और उनके हाथ से खाना खाया होगा| पर आपने कभी सोचा है की इत्ता डाँट के भी वो हमसे नाराज़ नहीं होती बल्कि हमें बहुत ज्यादा प्यार करती हैं और हमेशा अपने गले से लगा कर रखती हैं|
जब भी बारिश होती होती थी तो वो माँ की थी जिसने अपने सीने से चिपका लिया था | रात में रस्सी से बांध के भी रखती हैं की कही मेरा बच्चा कही चला न जाएं | खाना खाने से पहले आपको खिलाती हैं कही आप भूके न रह जाओ|
आपके नाक को साफ़ करती हैं रुमाल से की कही गन्दगी न रह जाएं | आपको ये सारे बातें छोटी लगती होगी की ये सब तो कोई भी कर सकता हैं | पर ऐसा नहीं हैं ये सारे काम बहुत मुश्किल होते हैं फिर भी माँ उसे हसीं खुशी कर लेती हैं |
कभी कभी लगता हैं माँ कोई जादू की परी हैं जो सभी जरूरतों को हस्तें हस्तें पूरा करती हैं | इसी को ही माँ का प्यार कहते हैं मेरे दोस्त !!!!!!
पर प्यारे दोस्तों कभी कभी क्या होता हैं न की कुछ चीज़ें हमेशा वही रहती हैं और उनकी जगह कोई नहीं लेसकता | जैसे माँ का प्यार !!उनका प्यार पाना दुनिया के हर बच्चे का सपना होता हैं |मैं हर रोज़ की तरह सो के उठी हूँ | पर वो एहसास सबसे अलग होता हैं जब आपकी माँ आपको माथे पैन चूमती हैं और प्यार से अपने आँचल में आपको कस के जकड लेती हैं |
वो अनुभूति इत्ती अच्छी होती हैं जिसका वर्णन में शब्दों में नहीं कर सकती | परन्तु मुझे पता हैं दोस्तों आप सबने में इस एहसास को फील किया होगा | 💖💖माँ तो माँ होती हैं दोस्तों कभी आपको प्यार करती हैं तो कभी आपको कुछ काम के लिए डॉट देती हैं परन्तु उनके प्यार में न कभी कमी आयी थी और न कभी कमी आएगी |
जो अनुभूति हमे माँ के आँचल में मिलती हैं वह हमे इस संसार में कही नयी मिलती हैं और आप सब में कई लोगो ने इन सर्रें एहसासो को फील किया होगा | बचपन से लेकर जब भी मुझे अकेला फील हुआ हैं उन्होंने हमेशा मेरा साथ दया हैं और हर कदम पर साथ देंगी |
मेरी स्वरचित स्टोरी जो माँ से रिलेटेड हैं !!!!!!!
तो चलिए शुरू करते हैं मेरी स्वरचित कहानी बिनाकिसी देरी के |
बहुत समय पहले की बात हैं | एक गांव था जहा पर राजू नाम का बच्चा रहता था |अपने माँ और पिताजी के साथ बहुत ही ज्यादा खुश था | पर जैसे जैसे वो बड़ा हो रहा था हमेशा लापरवाही करता था | अपने स्कूल बैग को सही जगह पैन नहीं रखता था और अपने गीले कपडे को बिस्तर पैन और सूखे कपड़ो में फेक दिया करता था |
अपनी माँ की कोई मदद नहीं करता था और यह तक की उनसे ऊंची आवाज़ में बात भी करता था | क्योकि उसकी माँ बेटे के प्यार के कारण हमेशा चुप रह जाती थी | पर लड़का हमेशा लापरवाही ही करता था | ऐसे ही कुछ दिन बीत जातें हैं |
फिर एक दिन माँ को कही बहार जाना होता हैं तो वह राजू से बोलती हैं की-"बेटा में बाहर जा रही हूँ और थोड़ी देर बाद में लौट के आ जाउंगी ,तब तक तुम पानी गरम करने वाले हीटर को बंद कर देना १५ मिनट बाद"| राजू भी फ़ोन में खेलने में मस्त था तो जल्दी में हां बोल दिया |
माँ के बाहर जाने के बाद राजू भी फ़ोन में गेम खेलने लग गया | १५ मिनट पुरे हो गए | उसके बाद ३० मिनट पर राजू अभी भी गेम में ही खोया हुआ था | ऐसे करते करते बहुत टाइम हो गया | पर राजू अभी भी अपने गेम में ही था | उसके बाद अंदर से आवाज़ आयी कुछ चर चर की |
जब अंदर जाकें देखा तो हीटर के बगल वाले लकड़ी में आग लग गयी थी और आग फैल रही थी| फिर जल्दी जल्दी राजू ने आग बुझाया उसके ऊपर पानी डाला | पर खतरा अभी टला नहीं था | अब राजू को माँ के गुस्से की चिंता थी की माँ क्या बोलेगी |
फिर जब माँ घर पे पहुंची तो उन्होंने देखा सब जला हुआ नज़ारा और उस दिन माँ फुट गया और उसी में माँ ने राजू को तो तीन तमाचा मार दिया | और उसकी लापरवाही के बारें में भी बहुत कुछ सुनाया | राजू था तो बच्चा ही माँ के मारने पे रोने लग गया |
थोड़ी देर बाद माँ को बुरा लगा की उसको राजू को ऐसा नहीं बोलना चाहिए था | फिर माँ उसके पास गयी और उसने राजू को प्यार से मनाया और उसके सामने हसने वाले चेहरे बनके भी उसे हँसाने लगी |
तो देखा दोस्तों आपने माँ चाहे कित्ता भी गुस्सा करे पर वो कभी भी अपने बच्चें से नाराज़ बिलकुल भी नहीं रह सकती |
इसलिए कभी भी दोस्तों अपनी प्यारी सी माँ का दुखाना| क्योकि जीतता दर्द आपको होता हैं उससे १०० गुना दर्द उन्हें होता हैं जब उनके संतान को पहुंचाता हैं तब | जिंदगी का सारा सुख माँ के चरणों में हैं इसलिए उनकी के लिए कभी भी हिचकिचाए न |
बस दिल में हुआ की आप सब से इस नए और अद्भुत एहसास को शेयर करू | अगर आपने भी कभी ये एहसास किया हैं तो कृपया मुझे कमेंट में बताएं | ऐसा लगता हैं मानो माँ ने अपने आँचल में आपको सुरक्षित कर लिया हैं जहा आप हर जगह से सुरक्षित हो |
ये नया एहसास सबको उनके जिंदगी में होता हैं | तो चलिए दोस्तों आज क एहसास के साथ में अलविदा लेती हु | और ऐसे ही आती रहूंगी कुछ नए एहसास के साथ |
आपकी दोस्त रानी !!!!😇😇😇😇

